बिहार सरकार सरकारी स्कूलों की स्थिति बदलने के लिए तेजी से काम कर रही है। स्कूलों की स्थिति को सुधारने की कवायद में सरकार की ओर से कई नए प्रयोग करने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश ने बैगलेस सुरक्षित शनिवार (12 नवंबर) का शुभारंभ किया और सभी स्कूलों में लागू भी कर दिया गया वहीं अब शिक्षा विभाग ने हर महीने के चौथे शनिवार को सरकारी स्कूलों में पीटीएम यानी पैरेंट्स टीचर मीट आयोजित करने का फैसला लिया है।
विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने इसको लेकर सभी डीईओ को पत्र लिखकर आदेश दिया है कि अब सभी स्कूलों में हर माह के चौथे शनिवार को शिक्षक और अभिभावकों के बीच बातचीत हो जिसको लेकर संगोष्ठी का अयोजन कराना अनिवार्य होगा। अपर मुख्य सचिव के मुताबिक हर महीने के चौथे शनिवार को किसी एक कक्षा के लिए संगोष्ठी का अयोजन होगा।
इससे पहले भी पिछले माह राज्य भर की पहली कक्षा वाले 40 हजार प्राइमरी स्कूलों में संगोष्ठी का अयोजन किया गया था। इसका उद्देश्य था अक्षर आंचल ज्ञान के लिए आयोजित चहक कार्यक्रम को सफल बनाना। इस बैठक में अभिभावकों की अच्छी उपस्थिति और रुचि देखकर विभाग ने अब इसे लागू करने का फैसला लिया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि अभिभावक संगोष्ठी में भाग लेंगे तो बच्चों में भी निखार आएगा, साथ ही बच्चों की बेहतरी के लिए वो अपनी राय भी देंगे जिस पर अमल किया जायेगा।
इस बैठक में मुख्य रूप से शैक्षिक स्थिति, होम वर्क, शिष्टाचार से जुड़े मुद्दे पर बात होगी और शिक्षक अभिभावक दोनों बैठकर नई रणनीति भी बना सकते हैं। आए दिनों सरकारी स्कूलों की छवि को लेकर सवाल उठते रहे हैं ऐसे में सरकार की कोशिश है कि अब निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में भी ना सिर्फ व्यवस्था में बदलाव हो बल्कि शैक्षणिक स्थिति में भी सुधार हो सके। इसको लेकर आने वाले समय में भी कहा जा रहा है कि कई नए प्रयोग और किए जा सकते हैं।