Virat-Ramayan-Mandir

पटना में रहते हैं तो आपने एक न एक बार पटना जक्शन स्थित हनुमान मंदिर का चक्कर जरूर लगाया होगा। ऐसे मुट्ठी भर लोग ही होंगे जिन्होंने अभी तक पटना में रहने के बाद भी हनुमान मंदिर नहीं गए होंगे। खैर नहीं गए हैं तो अब चले जाइये क्योंकि आज की ये खबर हनुमान मंदिर से जुड़ी है। पटना के हनुमान मंदिर में जब भी आप गए होंगे आपको एक मंदिर का बड़ा सा मॉडल रखा दिखा होगा।

अगर अपने उसे ध्यान से देखा होगा तो उसपर उस मंदिर का नाम भी लिखा हुआ रहता है। बता दूँ कि उस निर्माधीन मंदिर का नाम विराट रामायण मंदिर है। हनुमान मंदिर में आप इस मॉडल को मंदिर की पहली मंजिल पर जा कर देख सकते हैं। जोकि विश्व की सबसे बड़ी राम मंदिर होने वाली है। और सबसे खास बात इस मंदिर का ये है कि ये मंदिर उस जगह बन रही है जहां मर्यादा पुरषोतम राम की बारात रुकी थी। जो की बिहार में पड़ता है।

बिहार जल्द ही आने वाले दिनों में टूरिस्म का हब बनने की ओर अग्रसर हो रहा है। यहां टूरिस्म को बढ़ावा मिले इसके लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हर मुमकिन कदम उठा रहे हैं। ग्लास ब्रिज हो, जू सफारी हो, बिहार म्यूजियम हो ऐसे कई चीज़ें हैं जो बिहार में कुछ सालों पहले मुमकिन नहीं लगती थी। लेकिन अब बिहार हर क्षेत्र में सर उठाये आगे बढ़ रहा है और अब इसी कड़ी में बिहार में विश्व की सबसे बड़ी मंदिर बनने जा रही है।

अयोध्या से नेपाल के जनकपुर के बीच बिहार के पूर्वी चंपारण का जानकीनगर पड़ता है। ऐसी मान्यता है कि माता सीता से विवाह के बाद जनकपुर से लौटते समय भगवान राम की बारात यहां रुकी थी। और अब इसी स्थान पर विश्व के सबसे विशाल राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। जो आचार्य किशोर कुणाल का सपना है। आचार्य किशोर कुणाल का यह सपना सिर्फ एक और मंदिर बनाने का नहीं है। बल्कि भगवान राम के लिए सबसे बड़े हिंदू मंदिर का निर्माण करना है।

निर्माधीन इस विराट रामायण मंदिर 270 फीट ऊंची होगी, जो हिन्दू मंदिर के दृष्टिकोण से विश्व में सर्वाधिक है। इस मंदिर की लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट है। विराट रामायण मंदिर परिसर के तीन तरफ सड़क है। अयोध्या से जनकपुर तक बन रहा राम जानकी मार्ग इस विराट रामायण मंदिर से होकर गुजरेगी। जिसे पटना के महावीर मंदिर ट्रस्ट की ओर से बनवाए जा रहा है और इस मंदिर के निर्माण का काम नोएडा की कंपनी एसबीएल कंस्ट्रक्शन को सौंपी गयी है।

ये भव्य राम मंदिर पटना से 120 किमी और ऐतिहासिक शहर वैशाली से 60 किमी की दूरी पर उत्तर बिहार में केसरिया के पास कैथवालिया-बहुआरा गांवों में जानकी नगर में है। ये मंदिर मुख्य केसरिया-चकिया मार्ग पर 161 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। ये मंदिर खुद में विश्व का सबसे बड़ा मंदिर है।

लेकिन साथ ही इस मंदिर में विश्व की का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित किया जायेगा जो 33 फिट का होगा। ये शिवलिंग ब्लैक ग्रेनाइट से बने 250 टन का रेहगा। जिसका निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम में हो रहा है। अभी तमिलनाडु के तंजौर में 27 फीट का शिवलिंग विश्व का सबसे ऊंचा शिवलिंग माना जाता है।

इस मंदिर के निर्माण में जो भी लागत आएगा वो देश दुनिया के करोड़ो अरबों भत्तों द्वारा दिए गए दान से किया जा रहा है। इस मंदिर के निर्माण के बाद बिहार में टूरिस्म का जमावड़ा तो लगेगा ही साथ ही देश दुनिया से राम भक्तों का हुजूम भी बिहार आएंगे। जो बिहार की शान में नया आयाम बुनने का काम करेगा।

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